अब डायबेटीज के इंजेक्शन की जरुरत नही

लखनऊ।  देश मे आजकल डायटीज़ की बीमारी से ग्रस्त लोगों की बढ़ोतरी हो रही है। मरीजों को अपना ब्लड प्रेशर को कन्ट्रोल करने के रोज 2 इन्सुलिन इन्जेक्शन लेने पड़ते हैं। लेकिन अब इन सबसे छुटकारा पाने का वक्त आ गया है। वैज्ञानिकों ने इसका बहुत ही सरल रिप्लेसमेन्ट निकाल लिया है। अब डायबटीज से जूझ रहे मरीजों को इंजेशन लगवाने की जरुरत नही पड़ेगी। अब सिर्फ एक गोली खाकर डायबटीज से छुटकारा पाया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने एक नई स्टडी के जरिये इसकी जानकारी दी। स्टडी की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्सूल में एक छोटी सुई मौजूद है, जिसे फ्रीज़ किए गए इंसुलिन से बनाया गया है, और एक स्प्रिंग भी है, जिन्हें शुगर की एक डिस्क द्वारा रखा गया है।कैप्सूल को खाने के बाद जैसे ही ये पेट में पहुंचता है, तो पेट में मौजूद पानी डिस्क को डिजॉल्व कर देता है, जिससे स्प्रिंग निकल जाता है. इसके बाद इंसुलिन डाइजेस्टिव सिस्ट में ब्रेक हो जाता है. मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट्स ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कैपसूल लेना आसान है क्योंकि यह इन्जेक्शन के मुकाबले सस्ती है वहीं यह इजी टू कैरी भी है।

डायबिटीज़ के कारण

स्टडी के मुताबिक, पैंक्रियाज में जब बहुत कम मात्रा में बीटा सेल्स मौजूद होते हैं, जिस कारण वो या तो इंसुलिन बना नहीं पाते हैं या बहुत ही कम मात्रा में बनाते हैं, तो डायबिटीज की समस्या हो जाती है.

कैपसूल की खासियत

बताते चलें कि कैप्सूल बायोडिग्रेडेबल पॉलीमर और कुछ स्टेनलेस स्टील की मदद से बनाया गया है. उन्होंने कहा कि जब डायबिटीज का कोई मरीज ये कैप्सूल खाएगा तो शुगर डिस्क पेट में घुल जाएगी और स्प्रिंग को छोड़ देगी. स्प्रिंग के निकलने के बाद इसमें से एक प्रकार की काइनेटिक एनर्जी निकलेगी. टीम ने सबसे पहला टेस्ट पिग जानवर पर किया. उनके मुताबिक, एक कैप्सूल से पिग को लगभग 300 माइक्रोग्राम इंसुलिन मिला. लेकिन हालिया टेस्ट में इंसुलिन की मात्रा को 300 माइक्रोग्राम से बढ़ाकर 5 मिलीग्राम किया गया है. बता दें, टाइप-2 डायबिटीज के मरीज को इतने इंसुलिन की जरूरत पड़ती है.

[horizontal_news]